स्वतंत्र भारत के झांकी : भाग – 20

अध्याय – 3 “भारत के पडोसी देशन से युद्ध  – 6”

1971 : भारत पाकिस्तान युद्ध – ‘अ’

अभी तक हमनी के पहिला अध्याय ‘राष्ट्र एकीकरण के चुनौती’ के बारे में देखनी जा| एह अध्याय में हमनी के एह बात से अवगत भईनी जा कि कईसे लार्ड माउंटबेटेंन, सरदार पटेल, जवाहर लाल नेहरु अउरी वी.पी. मेनन के टीम पाहिले त्रावनकोर ओकरा बाद जोधपुर, जैसलमेर, जूनागढ़, हैदराबाद अउरी कश्मीर के एकीकरण करे में सफल भईले जा| दूसरा अध्याय ‘देश के भीतर मूलभूत एकीकरण’ में हमनी के देखनीजा कि कईसे सबसे पहले प्रशासनिक एकीकरण भईल, ओकरा बाद आर्थिक एकीकरण, सामाजिक एकीकरण भईल| एकरा अलावां राज्यन के भाषाई एकीकरण अउरी क्षेत्रीयता के खिलाफ एकीकरण प भी चर्चा कईनी जा|

ओकरा बाद तीसरा अध्याय शुरू भईल जवन भारत के पडोसी देशन के साथे जतना युद्ध भईल बा ओकरा बारें में विस्तार से चर्चा हो रहल बा| एह अध्याय के पहिला अंक में भारत पकिस्तान के पहिला युद्ध 1947 के बात हो चुकल बा| ओकरा बाद दूसरा आ तीसरा अंक में भारत चाइना युद्ध 1962 के बारें में बतकही भईल| चौथा अउरी पांचवां अंक में भारत पाकिस्तान के दूसरा युद्ध 1965 के बारे में चर्चा हो चुकल बा| अब एह अंक में भारत बनाम पाकिस्तान के तीसरा युद्ध यानि कि 1971 के बारे में चर्चा होई|

अब तक जवन दुनों युद्ध भईल रहीसन उ युद्ध कश्मीर के लेके रहे| लेकिन इ जवन 1971 वाला युद्ध भईल एकर केंद्र कश्मीर ना रहे बल्कि पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश देश) रहे| 1971 से पाहिले बांग्लादेश के वजूद ना रहे| भारत पाकिस्तान के बटवारा के समय पाकिस्तान दू भाग में बाटल गईल रहे पहिला पश्चिमी पाकिस्तान (वर्तमान के पाकिस्तान) आ दूसरा पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान के बांग्लादेश)| अब सवाल उठत बा कि जब भारत पाकिस्तान के बटवारा हो चुकल बा आ पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के हिस्सा बा त एह में भारत के का भूमिका बा कि भारत के पश्चिमी पाकिस्तान के लड़ाई करे के पड़ गईल| एकर उत्तर आगे मिली| खैर एगो पत्रकार रहन एंथोनी मस्क्रेनस जेकरा के पश्चिमी पाकिस्तान के सैनिक पूर्वी पाकिस्तान कवर करवावे खातिर ले गईल रहन जा| एकरा पीछे उद्देश्य इ रहे कि दुनिया के इ देखावल जा सके कि पश्चिमी पाकिस्तान, पूर्वी पाकिस्तान में कतना अच्छा काम कर रहल बिया|

लेकिन उनकर रिपोर्ट ब्रिटेन के अखबार द सन्डे टाइम्स में जवन आइल उ एकदम भयावह आइल| ओह से पूरा दुनिया में पश्चिमी पाकिस्तान के शोषण अउरी जुल्म के खुलासा भईल| पूर्वी पाकिस्तान में मूल्यतः बांग्ला बोले वाला लोग रहत रहे लेकिन पश्चिमी पाकिस्तान में उर्दू जुबान बोले वाला लोग रहे| दुनो पाकिस्तान सैधांतिक तौर प एके रहे लेकिन दुनो के बीचे लगभग दू हजार किलोमीटर के अन्तर रहे| पाकिस्तान के दुनो भाग मुस्लिम बहुल जरूर रहे लेकिन रहन-सहन, बोलचाल, खान-पान में बहुत अंतर रहे| हर क्षेत्र में पूर्वी पाकिस्तान के साथे भेदभाव होत रहे| उर्दू में राष्ट्रभाषा के दर्जा रहे| एह से सरकार बनावे से लेके पढाई-लिखाई, सरकारी नौकरी, फ़ौज, प्रशासनिक हर जगह प पश्चिमी पाकिस्तान के दबदबा रहे| सबकुछ पश्चिमी पाकिस्तान में ही केन्द्रित रहे| इहाँ तक कि पाकिस्तान के राजधानी पाहिले जवन कराची रहे उहो पश्चिमी पाकिस्तान में ही स्तिथ बा| एह शोषण के खिलाफ पूर्वी पाकिस्तान के लोग बगावत कर देलस|

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आवामी लीग पूर्वी पाकिस्तान के संगठन बनल जवना के नेता रहले शेख मुजीबुर्रहमान| इ एकतरह के समाज में गलत बात ओहू घरी फैलावल गईल रहे कि शेख मुजीबुर्रहमान अलग देश बनावे के मांग करत बाड़े| उ शुरुआत में अलगावादी नेता बिलकुल ना रहन| उ अलग देश बनावे के मांग बिलकुल ना करत रहे उनकर मांग स्वायतत्ता रहे| 1970 तक पूर्वी पाकिस्तान में कवनो प्रकार के चुनाव ना भईल रहे, जबकी भारत में चार गो चुनाव करा चुकल रहे| पूर्वी पाकिस्तान के एकदम से नजरंदाज कईल जात रहे| नौकरी में पूर्वी पाकिस्तान के लोगन के उहे हाल रहे| शेख के कुल मिला के छव के मांग रहे| पहिला, पाकिस्तान के संघीय राज्य बने के चाही| सत्ता के विकेंद्रीकरण होखे के चाही| जईसे कि भारत में बा| केंद्र सरकार, राज्यसरकार अउरी स्थानीय सरकार| दूसरा, उनकर मांग रहे कि रक्षा अउरी विदेश मंत्रालय छोड़के बाद बाकी सारा चीज राज्य के अंदर आवे के चाही|

तीसरा, पूर्वी आ पश्चिमी पाकिस्तान के अलग मुद्रा अउरी वित्तीय आ मोनेटरी निति होखे के चाही| एकरा पीछे उहाँ के लॉजिक रहे कि ज्यादातर धन के उद्गम पूर्व में होत रहे आ सारा उड़ के पश्चिम में चल जात रहे| एहिजा के विकास असही रह जात रहे| चौथा मांग इ रहे कि राज्यं के टैक्स वसूले के पॉवर होखे के चाही| केंद्र सरकार के हस्तक्षेप ना करे के चाही| पांचवां मान उ रहे कि व्यापार दोसरा देश से करे के अनुमति पूर्वी पाकिस्तान के मिले के चाही अउरी डॉलर इकठ्ठा करे के भी| अलग नेवी आ अलग प्रकार के मिलिट्री के भी माग रहे| इ बात सही बात कि सारा मांग मुजीबुर्रहमान के एगो देश के नजरिया से सही ना रहे| लेकिन अइसन भी ना रहे कि एह सब प चर्चा ना हो सकत रहे| एह प चर्चा करके एगो बीच के रास्ता निकल सकत रहे| लेकिन पाकिस्तान एकरा के बल के सहारे दबावे के कोशिश करे के भूल कर बईठल जवना के खामियाजा आज हमनी के सामना बा| एह बगावत के दबावे खातिर पश्चिमी पाकिस्तान बल के प्रयोग कईलस जवना में नाम रहे “ऑपरेशन सर्च लाइट”|

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एह ऑपरेशन के पहिला प्रभाव इ पडल कि पूर्वी पाकिस्तान में आन्दोलन अउरी तेज हो गईल| कॉलेज के छात्र नेतान के नरसंहार होखे लागल रहे जवन आग में घिव डाले के काम कईलस| मुजीबुर्रहमान अउरी जुल्फिकार अली भुट्टो दुनो कोई के पाकिस्तान के राष्ट्रपति याह्या खान जेल में डलवा देले रहन| पश्चिमी पाकिस्तान के आर्मी गली गली में कर्फु लगा के आवाज दबावे के कोशिश करे में लाग गईल| दूसरा प्रभाव इ पडल कि पूर्वी पाकिस्तान में आवामी लीग के अर्ध सरकार चलावे लागल रहे| एकर तीसरा प्रभाव इ पडल कि ओहिजा के आम नागरिक, छात्र, आवामी लीग के समर्थक लोगन के एगो बड पैमाना प नरसंहार भईल जवन इतिहास में काला अक्षर में दर्ज हो गईल बा|

चउथा अउरी सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव इ परल कि एगो जवाबी मूवमेंट पूर्वी पाकिस्तान में तईयार भईल जवन मुक्ति बाहिनी नाम से मशहूर रहे| इ एक प्रकार के गुरिल्ला वारफेयर रहे जवन पश्चिमी पाकिस्तान के आर्मी के जवाब में बनावल गईल रहे| ओह घरी भारत के इंदिरा गाँधी के सरकार मुक्ति वाहिनी के अप्रत्यक्ष रूप से मदद जरूर कईले रहे| हथियार अउरी प्रशिक्षण दुनो रूप से मदद कईले रहे|

युद्ध के अन्दर जाए से पाहिले एगो अउरी बात इ समझल जरूरी बा कि पश्चिमी पाकिस्तान अउरी पूर्वी पाकिस्तान में उ का बात रहे जवन दुनो के बीच के खाई एकदम गहिर क देले रहे? आखिर भेदभाव होत रहे त ओकरा पीछे का कारण रहे? आ कईसे भेद भाव होत रहे| पहिला बात कि जतना बजट उपयोग के चाहत रहे ओतना ना करत रहे आ पूर्वी पाकिस्तान के समस्या जस के तस रह जात रहे| पूर्वी पाकिस्तान जूट के एगो बड निर्यातक रहे लेकिन सारा मुनाफा पश्चिमी पाकिस्तान में चल जात रहे| 1970 में बाढ़ आइल रहे त लगभग 4 लाख लोग मरल रहन| याह्या खान मदद राशी जरूरत मुताबिक ना देलन जवन वैचारिक अंतर अउरी अविश्वास पैदा करे शुरू कर देले रहे| सुन के बड़ा ताज्जुब लागेला कि खाली एगो हेलीकोप्टर मदद खातिर भेजल गईल रहे| भारत मदद खातिर आगे आइल भी रहे त पश्चिमी पाकिस्तान के हुक्मरान भारत आ अंतराष्ट्रीय मदद या कवनो प्रकार के मदद लेवे से इनकार कर देवल गईल रहे| इ चीज लोगन में गुस्सा भरलस|

दूसरा फैक्टर रहे भाषाई अंतर| बांग्ला भाषा के पहचान 1956 में एगो बड संघर्ष के बाद मिलल रहे| बहुत सारा छात्र के हत्या भईल रहे| उ चीज अभी तक नफरत बन के लोगन के दिमाग प छाईल रहे| पूर्व के लोग बांग्ला बोलत रहे अउरी पश्चिम के लोग उर्दू| जबकी बटवारा के बाद उर्दू देश के राष्ट्रिय भाषा बनल| तीसरा कारण रहे भौगोलिक अंतर| पूर्वी आ पश्चिमी पाकिस्तान में लगभग दू हजार किलोमीटर के अंतर रहे| जवना प्रकार के सामंजस्य बने के उम्मीद कईल जात रहे उ बन ना पावत रहे| हालाँकि भारत पाकिस्तान के बटवारा के समय जिन्नाह भारत से इ मांग जरूर कईले रहन कि पूर्वी पाकिस्तान अउरी पश्चिमी पाकिस्तान के जोड़े खातिर एगो कॉरिडोर के भारत अनुमति दे देवो, लेकिन भारत सरकार नकार देले रहे| चौथा आ सबसे मुख्य कारण रहे लोकतंत्र के कमी| जईसन कि हम पाहिले चर्चा कर चुकल बानी 1969 तक पूर्वी पाकिस्तान में एको चुनाव ना भईल रहे, जबकी भारत में कुल चार गो चुनाव हो चुकल रहे|

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1970 में पाकिस्तान में तय भईल कि चुनाव होई केंद्र आ राज्य दुनो स्तर प| चुनाव भईल लेकिन पश्चिमी पकिस्तान में PPP(पाकिस्तान पीपल पार्टी), 138 सीट में से कुल 81 गो सीट जीतल रहे| जबकी पूर्वी पाकिस्तान में आवामी लीग कुल 162 सीट में से 160 सीट प जीत दर्ज कईले रहे| याह्या खान अउरी जुल्फिकार अली भुट्टो बिल्कुल ना चाहत रहन कि शेख सरकार बनवास लेकिन जनादेश शेख के लगे ही रहे| नेशनल असेंबली के शुभारंभ के जानबूझ के देरी कर देवल गईल रहे ताकी कुछ समय मिल जाव जवना से शेख के सरकार बनावे से रोकल जा सके| जुल्फिकार अली भुट्टो अउरी शेख मुजीबुर्रहमान के बीच सत्ता के साझेदारी के बातचीत भईल लेकिन असफल रहल| याह्या खान में दुनो लोगन से भय पैदा भईल आ उ दुनो लोग के जेल में डाल देले| इ सब चीज आगि में घीव डाले के काम कईलस अउरी आन्दोलन अउरी उग्र होत चलत चल गईल|

शुरुआत में भारत एकदम सामान्य रहल| एकरा पीछे कारण रहे कि भारत खुद उत्तरपूर्व में अलगावादी लोगन से जुझत रहे| लेकिन बाद में भारत के हस्तक्षेप करे के पडल काहे कि शरणार्थी के भारत के अलग अलग घुसला से चलते भारत प बहुत ज्यादा बोझ बने लागल रहे| भारत ओह घरी खुद संसाधन के कमी होखला के चलते समस्या से गुजरत रहे| अइसना में शरणार्थी अउरी हालात ख़राब कर सकत रहे| तब भारत एह में कूदल| एह महिना बाद भारत डिप्लोमेटिक अउरी वित्तीय सहायता पूर्वी पाकिस्तान के देवे शुरू कर देलस| एह महामारी के यूएन में भारत ही उठईलस अउरी दोसरा देशन से एकरा बारे में साझा कईलस| अभी तक भारत पाकिस्तान के युद्ध के बैकग्राउंड तईयार भईल बा| भारत कईसे हस्तक्षेप कईलस एकर पूरा जानकारी अगिला रविवार के…….

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