वैश्विक आतंकवाद के निर्यात अउरी पश्चिम एशिया के तमाशा (भोजपुरी)

आज के समय में सबसे ज्यादा अस्थिर जगह पश्चमी एशिया बा| आतंकवाद से ना सिर्फ ओहिजा के आम जनता बल्कि पूरा विश्व तबाह बा| लगभग एक सदी पाहिले यूरोपियन द्वारा स्थापित कईल गईल तथाकथित राष्ट्रन के इस्लामिक स्टेट जवना हिसाब से बर्बाद कर रहल बा उ एगो आश्चर्य के विषय बा| बहुत सारा लोगन के एह बात के अनुभूति हो चुकल बा कि इस्लाम धर्म में हिंसा अन्तर्निहित बा| इस्लामिक स्टेट जईसन समूह के हरकत से एगो अउरी चीज इ साफ़ हो गईल बा कि इराक युद्ध के प्रेरित करे वाला तथाकथित नव रुढ़िवादी विचारधारा वास्तव में हकीकत से काफी दूर रहे|

चुकी नव रुढ़िवादी विचारधारा के मानना रहे कि उदारवादी राष्ट्र मूल रूप से आधुनिकता के उपज रहे अउरी एकबे अगर सद्दाम हुसैन के तानाशाही ख़त्म हो जाता त इराक के पश्चिमी शैली के लोकतंत्र बने से कोई ना रोक पाई| एकरा उलटे ओही युद्ध से पैदा भईल आई.एस.(इस्लामिक स्टेट) के मंशा आधुनिकता से पाहिले के निरंकुश खलीफाई राज्यशासन के पुनर्स्थापना रहे लेकिन अब बर्बरता से हत्या, दमन, बलात्कार अउरी औरतन के खरीद फ़रोख जईसन घिनौना कृत्य के रास्ता अख्तियार कर लेले बा|

शुरुआत में आई.एस. एगो इस्लामिक आन्दोलन रहे लेकिन अब के क्रियाकलाप एह बात के बिल्कुल गवाही ना देला| एकर असली जड़ वहाबी संप्रदाय में बा| एकरा बारे में जानल जरूरी बा कि आखिर एकर शुरुआत कईसे भईल आ पश्चिमी एशियाई के ओह में का भूमिका रहल| इ संप्रदाय 18वी शताब्दी में पैदा भईल एगो नया किस्म के इस्लाम के उ रूप ह, जवना के माने वाला लोग सऊदी अरब में बा| इहाँ तक कि यूरोपीय संसद वहाबी संप्रदाय के वैश्विक आतंकवाद के मुख्य श्रोत मान चुकल बा|

सऊदी अरब में भी एकर दो गो गुट बन चुकल बा| पहिला ग्रुप जवना में ओहिजा के सबसे बड मुफ़्ती भी शामिल बाड़े, ओह लोग के स्टैंड के मुताबिक अतिवादी, चरमपंथ अउरी आतंकवाद जईसन विचारन के इस्लाम में कवनो स्थान नईखे| जबकी दूसरा समूह एह आन्दोलन के कट्टर शिया विरोध, धार्मिकता अउरी इस्लाम के मूल धारणान के हियामत करे के रूप में देखेला अउरी एकर वाहवाही करेला| यूरोप के सड़क प आज काल एह ‘लॉ ऑफ लैंड गो टू हेल’, ‘शरिया फॉर यूरोप’, ‘बुचर दोज़ हू इन्सल्ट इस्लाम’ प्रकार के नारा गूंज रहल बा|

वहाबी समप्रदाय के इतिहास में इ संप्रदाय कम से कम दू गो अलग अलग रूप में विकसित भईल| हिंसा प दुनो के दृष्टि काफी भिन्न रहल बा| 18वी सदी के दौरान, मुस्लिम शाही ताकतन के साम्राज्य प नियंत्रण हाथ से निकले लागल रहे| इस्लामी दुनिया के कव गो हिस्सा में धार्मिक पुनरुथान्वादी आन्दोलन शुरू हो चुकल रहे| एही समय में पश्चिमी जगत में चर्च के राज्य से अलग करे शुरू हो गईल रहे| धर्मनिरपेक्षता के इ विचार एकदम क्रन्तिकारी रहे| ओहीजे दूसरा तरफ 18वीं सदी के सुधारक लोग के मानना रहे कि अगर मुसलमानन के खोअल ताकत वापस लावे के बा त धार्मिक विश्वास के मौलिक सिधान्तन दने निश्चित रूप से लौटे के पड़ी|

एकरा पीछे कारन इ रहे कि राजनीती जईसन धंधा में मुसलमानन के समाज के राजनितिक रूप से टुकड़न में बटल एगो बहुत बड धार्मिक लाचारी रहे| चुकी कुरान से ओह लोग के पवित्र मिशन मिलल रहे| एगो न्यायसंगत अर्थव्यवस्था के निर्माण करल जवना में सभे के बराबरी अउरी सम्मान के दर्जा मिलो, समाज के राजनितिक सलामती, शोषित वर्ग अउरी गरीबन के दमन के खिलाफ अग्रसर होखे के मिशन मिल चुकल रहे| एही से समाज सुधारक भौतिकवाद अउरी दुनियावी महत्वाकांक्षान के बजाए इश्वरीय राजनितिक व्यवस्था प जोर देले|

चुकी मानना इ रहे कि अगर गरीबन के दमन हो रहल बा, कमजोर शोषित बा, आ राज्य के संस्थान भ्रष्ट हो गईल होखे, त मुसलमानन के इ कर्तव्य बा कि उ समाज के वापस रास्ते प लावे खातिर हर मुमकिन कोशिश करें| एह से 18वीं सदी के सुधारक एह बात से सहमत रहले कि अगर मुसलमानन के भुलाइल ताकत अउरी सम्मान वापस पावे के बा त सबसे पाहिले आपन धार्मिक विश्वास के मौलिक सिद्धांतन दने लौटे के परी| एह प्रकार के फंडामेंटलिज्म में कुछ भी आक्रामक जईसन ना रहे बल्कि समाज के एगो नया दिशा देवे के जमीनी कोशिश रहे| एह में जिहाद जईसन शब्द के कवनो स्थान ना रहे|

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एह प्रकार के धार्मिक आन्दोलन में सबसे प्रभावशाली रहन मध्य अरब के विद्वा मुहम्मद इब्न अब्द अल वहाब, जेकर शिक्षा आज भी मुस्लिम सुधाराकन अउरी अतिवादीन के प्रेरणा देवेला| इ खासतौर प लोकप्रिय संतन के पथ के लोकप्रियता अउरी मजारन में मूर्ति पूजक अनुष्ठान आदि से चिंतित रहले| उहाँ के जोर एह बात प ज्यादा रहे कि कुरान अउरी हदीस (परंपरा) के पढ़े के बजाए हर पुरुष आ स्त्री के मुहम्मद अउरी उनकर साथिन के रिवाजी प्रथा (सुन्नत) प ध्यान केन्द्रित करे के चाहीं| इ लोग भी आपन धार्मिक विश्वास के प्राचीनतम शिक्षा दने लौटे चाहत रहन|

एह सब से स्वाभाविक तौर प जतना भी इमाम रहले नाराज भईले आ स्थानीय शासकान के खतरा नजर आइल| ओह लोग के कहनाम रहे कि लोकप्रिय भक्ति में दखलंदाजी से सामाजिक असंतोष पैदा होई| आखिरकार इब्र अब्द अल वहाब के संरक्षक मिल गईल| इनकर विचार के जे अपनवलस उनकर नाम रहे मुहम्मद इब्द सूद जे नज्द के सरदार रहले| लेकिन बहुत जल्दीए दुनो के बीचे तनाव के स्तिथि पैदा होखे शुरू हो गईल| काहे कि दुनो लोगन के विचार में अंतर आवे लागल रहे| अब्द अल-वहाब, इब्न सौद के राज्य के विस्तार अउरी लूट के खातिर सैनिक अभियानन के विरोध कईले रहले|

एह बात प जोर दिहले कि व्यक्तिगत लाभ खातिर जिहाद के आवाहन नइखे कईल जा सकत| उहाँ के कहनाम रहे कि एकर अनुमति तबे जब उम्मा (समुदाय) प सैनिक आक्रमण होखे| युद्ध बंदिन के मारे वाला अरब प्रथा, संपत्ति के जानबूझके तबाह करल, औरतन अउरी बच्चन समेत सभी नागरिकन के नरसंहार के भी उ लोग मनाही कईले रहले| ना ही उ लोग कभी एह बात के दावा कईलस कि युद्ध में जान गवांवे वाला शहीद होले जेकरा  जन्नत में ऊंचा स्थान मिलेला, काहे कि खुद के तरक्की के अइसन कामना जिहाद (धर्मयुद्ध)के साथ मेल ना खाला|

वहाबियन के दू गो रूप आकार लेले रहे| एक ओर इब्न सौद तलवार के बल प आपन राजनीतिक हैसियत के बढ़ावे के खातिर वहाबी इस्लाम के लागू करवावे में लागल रहे, ओहिजे इब्न अब्द अल-वहाब एह बात प बल दिहले कि एगो सत्य धार्मिक विश्वास के फैलावे के खातिर शिक्षा, पढ़ाई अउरी बहस ही एकमात्र वैध तरीका बा| इस्लाम के अन्य रुपन के नाकारला के बावजूद इब्न अब्द अल वहाब प्रोपगंडा से खुद परहेज करत रहले| उहाँ के तर्क इहे रहे कि केकरा दिल में का बा इ सिर्फ ईश्वर ही जान सकेला| लेकिन उहाँ के मरला के बाद वहाबियन ने उनकर देवल विचार आ मनाही के तवज्जो ना देलस|

सूफीवाद के उदार मुस्लिम जगत में लगातार संदिग्ध होत चल गईल| उहाँ के मृत्य के बाद वहाबी पंथ बहुत ज्यादा हिंसक बनल अउरी शासन के आतंक के माध्यम भी हो गईल| इब्न सौद के बेटा अउरी उत्तराधिकारी अब्द अल-अजीज इब्न मुहम्मद प्रोपेगंडा के सहारा लेके विरोधी आबादी के सामूहिक नरसंहार के उचित ठहरइले| अभी के इराक में स्थित शिया लोगन के धार्मिक शहर कर्बला में 19 वीं सदी के शुरुआत में उनकर सेना लड़ाई में हरा के विजयी पवलस, इमाम हुसैन के मकबरे के लूट लेलस, अउरी महिलान आ बच्चन सहित हजारों शिया लोगन के मौत के घाट उतार देले| बाद में, डर अउरी घबड़ाहट के वजह से, पवित्र शहर मक्का के सऊदी सरदार के सामने समर्पण करे के मजबूर होखे के परल|

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इब्न अब्द अल-वहाब के मरला के बाद से वहाबी पंथ के पूरा थ्योरी बदल चुकल रहे| वहाबियन के जवन नकारात्मक ताकत उभरल ओकरा के रौंदे खातिर आ ओह लोग के राजधानी ध्वस्त करे के खातिर तुर्क, मिस्र के गवर्नर मुहम्मद अली पाशा के भेजले रहले| लेकिन अफ़सोस कि वहाबी विचारधारा प्रथम विश्व युद्ध के समय एकबे फिर से राजनीतिक ताकत बनल आ पुनर्जीवित हो गईल| 1915 में अब्द अल अजीज, हिजाज (मौजूदा सऊदी अरब के पश्चिम का इलाका जवना में मक्का अउरी मदीना के शहर आवेला) के जीते खातिर योजना बनईले| एकरा बाद  फारस के खाड़ी से लेके पूरब में नज्द तक, अउरी उत्तर में उ जमीन जवन आज सीरिया आ जॉर्डन के लगे बा| लेकिन 1920 के समय उ लोग आपन महत्त्वाकांक्षा में नरमी दिखवलस ताकि ब्रिटेन अउरी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका से एगो राष्ट्र राज्य के रूप में राजनयिक सबंध हासिल कईल जा सके|

लेकिन इखवानन (इखवान के मतलब होला बंधुत्व, लेकिन इ चरमपंथी लोगन के समूह पैदा भईल जवन कि दूसरा टाइप के वहाबी पंथ से निकल के आइल रहे लोग) के ब्रिटेन से सुरक्षा प्राप्त इराक, ट्रांस जॉर्डन अउरी कुवैत प इ कहत हुए हमला जारी रखलस कि जिहाद के कवनो सीमा तय नइखे कईल जा सकत| हर तरह की आधुनिकता के अलविदा करत, इखवान, अब्द अल-अजीज पर भी हमला कईलस, जे टेलिफोन, कार,  टेलिग्राफ,  संगीत अउरी धूम्रपान के स्वीकृति देले रहले| यानी कि हर उ चीज जवना मुहम्मद के वक्त में मौजूद ना रहे| इ सब तब तक जारी रहल जब तक कि 1930 में अब्द अल-अजीज आपन ताकत से इखवानन विद्रोह के कुचल ना देलस|

इखवान के पराजय के बाद सऊदी के आधिकारिक वहाबी पंथ, चरमपंथी जिहाद के त्याग देलस अउरी धार्मिक रुढ़िवादी आन्दोलन बन गईल| ठीक ओइसने जइसन कि इब्न अल-वहाब के दौर के वास्तविक रहे| एकरा बाद सऊदी सत्ता अउरी चरमपंथी वहाबियन के बीच हमेशा खीच तान रहल आ तनाव रहल| इखवान के जवना सपना रहे उ पराजय के बाद भी खत्म ना भईल रहे| लेकिन 1970 में एकबे फिर से जमीन वापस मिल गईल जब सऊदी  राज्य एह क्षेत्र में पश्चिमी विदेश नीति के केंद्र बन गईल|

वाशिंगटन, नासिरवाद (मिस्र के दूसरे राष्ट्रपति, गमाल अब्देल नासिर के अरब उन्मुख समाजवादी विचारधारा) अउरी सोवियत के प्रभाव के खिलाफ सऊदी लोगन के विरोध के स्वागत कईलस| शिया चरमपंथ से निपटे खातिर प्पोरा मुस्लिम दुनिया के वहाबिकरण करे के आवाहन कईल गईल| 1973 के प्रतिबन्ध से पैदा भईल तेल के आसमानी छुअत दाम से अरब के पेट्रोल उत्पादक, इजराइल के सैन्य सहायता के विरोध में अमेरिका के तेल देवे से मना कर दिहलस| सऊदी के अपना किस्म के इस्लाम के निर्यात करे के खातिर जरूरत से ज्यादा पेट्रोडॉलर मिल गईल|

पुरान धार्मिक विश्वास के फैलावे वाला सैन्य जिहास अब सांस्कृतिक आक्रमण के रूप लेलस| सऊदी में स्तिथ मुस्लिम वर्ल्ड लीग आपन प्रचार प्रसार शुरू कर दिहलस| एकरा खैर मुस्लिम इलाका में दफ्तर खोले से लेके धार्मिक मंत्रालय तक खोलल गईल| कुरान के वहाबी अनुवाद भईल, खूब लेख लिखाईल आ छपवावल गईल| एकर प्रचार प्रसार विदेशी देशन में भी खुबी भईल| अपना शैली में मस्जिद के निर्माण भईल| मदरसा के स्थापना भईल अउरी गरीबन के मुफ्त शिक्षा देवे के सहारे वहाबी पाठ्यक्रम के माध्यम से आपन विचार के दुरुस्त करे प्रयास भईल|

एह मिशन के सफल करे के खातिर सऊदी दरियादिली देखावे के भी खूब कोशिश भईल| गरीब देशन के कईसे अपना पक्ष में करे के बा आ आमिर देशन के कईसे करे के बा सबके अलग अलग प्लान रहे| मुस्लमानन के पूरा पीढ़ी इस्लाम के रूप में बड़ा भईल| जेकरा के दोसर धर्मंन के नकारात्मक पहलु ही ओकर समझ बनल आ आपन धार्मिक विश्वास के बारे में असहिष्णु कट्टर समझदारी इंजेक्ट कईल गईल| इ उ समय रहे जब अगर उग्रवादी ना भी होखे त इ नजरिया अतिवादी पैदा कर दिही|

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अब ओसामा बिन लादेन जईसन सूडो चिंतक कुरान के अत्यधिक अपरंपरागत मायने निकाले खातिर स्वतंत्र होखे लागल रहन| अतिवादन के प्रसार के रोके खातिर, सऊदी लोग 1980 के दौरान किंगडम के आंतरिक समस्यान से अपना युवान के ध्यान हटावे के खातिर वैश्विक इस्लामी भातृत्व (पान इस्लामी) के भावनान के प्रेरित करे के कोशिश कईले लेकिन वहाबी उलेमा एकरा के ना मनलस| दोसरा शब्द में कही त समय अब फिर एक बे घुलटीया मार चुकल रहे|

इस्लामवादी जहवाँ मिश्र जईसन देशन में निरंकुश शासन अउरी भ्रष्टाचार से लड़त रहे ओहिजे सऊदी के इस्लामवादी दुनियाभर के मुसलमानन के तिरस्कार अउरी उत्पीड़न प ध्यान केन्द्रित करत रहे| टेलीविजन के सहारे फलिस्तान अउरी लेबनान में मुसलमानन के दुर्दशा के तस्वीर सऊदी के घरन में पहुचत रहे| सरकार भी युवान के प्रोत्साहित कईलस कि सोवियत के खिलाफ अफगानी जिहाद खातिर अरब जगत में लगातार भर्ती में शामिल होखे| अफगानिस्तान जाए खातिर तईयार भईल सऊदी पुरूषन के ईगो सर्वे से एगो बड़ा अजीब परिणाम सामने आइल कि ज्यादातर लोग पश्चिमी जगत के खिलाफ घृणा के कारण ना बल्कि अपना मुस्लिम भाई-बहनन के मदद के भावना से प्रेरित रहे|

विश्व-इस्लामवादी अवधारणा भी बिन लादेन के प्रचार के मुख्य बिंदु रहे अउरी 9/11 के घटना में शामिल सऊदियन के शहीदी वीडियो में दिखावल गईल कि उ वहाबी विचारधारा से कम अउरी मुख्य रूप से उम्मा के दर्द अउरी अपमान से ज्यादा प्रभावित रहे| आईएस आधुनिक सऊदी अरब के आधिकारिक वहाबी पंथ के खिलाफ विद्रोह के दर्शावत बा| ओह लोगन के तलवार, ढकल चेहरा अउरी गला काटे के तौर तरीका सब शुरूआती दौर जईसन ही बा|

आज आई.एस. आपन पूरा काम आधुनिकता से कर रहल बा लेकिन मकसद आज भी अतीत वाला ही बा| एह लोग द्वारा कईल लूटपाट, बैंकन से सोना चुरावल, अगवा कईल, अपना अधीन आ गईल इलाकन के तेल निकाल के बेचल अउरी जबरन वसूली एह लोग के दुनिया का सबसे अमीर जिहादी संगठन बना देले बा| आईएस के हिंसा में कुछ भी बेतरतीब नइखे| मृत्यदंड देवे वाला वीडियो सावधानी अउरी रणनीतिक जरूरत के मुताबिक बनावल जाला जवना से आतंक पैदा हो सके, असहमित के हिम्मत न हो पावे अउरी एगो बड़ आबादी में अराजकता पैदा कईल जा सके| जवना प्रकार के बड पैमाना प हत्या हो रहल बा आज कवनो नया पैटर्न पर नइखे बल्कि इ पहिले भी हो चुकल बा|

फ्रांसीसी क्रांति के दौरान, जवना से यूरोप में पहिले धर्मनिर्पेक्ष राज्य के उदय भईल, जैकोबवादि लोग सार्वजनिक तौर पर करीब सत्रह हजार पुरूषन, महिलान अउरी बच्चन के सर कलम कईले रहे| प्रथम विश्व युद्ध में, युवा तुर्क लोग करीब 10 लाख से ज्यादा अरमेनियाई लोगन के, जवना में महिला, बच्चा अउरी बूढ़ लोग भी शामिल रहे, ओह सब लोग के एगो शुद्ध तुर्क राष्ट्र बनावे खातिर नरसंहार कईले रहे| ठीक ओही तरह, आईएस एगो शुद्ध, सीमित अउरी साफ तौर प परिभाषित उद्देश्यन के पावे के खातिर हिंसा के इस्तेमाल कर पूरा विश्व के अशांति के चूल्हा में झोक रहल बा जवन कि पूरा विश्व खातिर एगो दुर्भाग्य के विषय बा|

नोट :- एह में प्रस्तुत तथ्य ब्रिटिश के जानी मानी लेखिका केरेन आर्मस्ट्रोंग के आर्टिकल अउरी पाकिस्तानी मूल के लेखक तारेक फतह की किताब ‘चेजिंग द मिराज’ से लेवल गईल बा|

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